अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर आर.सी.एफ बचाओ संघर्ष कमेटी ने किया धरना प्रदर्शन

हुसैनपुर , 9 अगस्त (कौड़ा)- देश की सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आवाहन पर अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर आर.सी.एफ के कर्मचारियों ने आर.सी.एफ बचाओ संघर्ष कमेटी के बैनर तले भारत सरकार की मेहनतकश व देश विरोधी नीतियों के खिलाफ चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेते हुए बाबा साहब डा भीमराव अंबेडकर चौक पर कर्मचारियों ने जोश भरपूर नारेबाजी कर सुबह 9 बजे से 11 बजे तक दो घण्टे का धरना प्रदर्शन किया।देश के कोयला उद्योग, डिफेंस (असला फैक्ट्रियों), एलआईसी, बीपीसीएल, बीएसएनल, एयर इंडिया आदि के निजीकरण के खिलाफ चल रहे संघर्षो व देश  मजदूरों, किसानों,नौजवानों आदि के संघर्षों से एकजुटता प्रकट की। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सर्वजीत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की पूंजीपति प्रसत व मेहनतकश लोग विरोधी नीतियों के खिलाफ आर..सी.एफ बचाओ संघर्ष कमेटी आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
देश की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों,एयरइंडिया के कर्मचारी, देश के सभी मजदूर, किसान, मेहनतकश लोग एकजुट होकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और हम कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बिबेक देबराय कमेटी की सिफारिशों पर आगे बढ़ते हुए पिछले वर्ष 18 जून को जारी 100 दिवसीय कार्य योजना पर अमल करना शुरू कर दिया है। यह सीधा-सीधा भारतीय रेलवे का निजीकरन है। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना,इंग्लैंड, जापान जैसे बहुत सारे देशों में रेलवे के निजीकरण का तजुर्बा फेल होने के बावजूद मोदी सरकार रेलवे की उत्पादन इकाइयों को निगमीकरण के नाम पर बड़े-बड़े पूंजीपतियों के सुपुर्द करने के लिए बजिद है और पूरी की पूरी रेल पूंजी पतियों के हवाले करने की तैयारी कर बैठी है जिसके खिलाफ हम पूरी ताकत से लड़ेंगे।
श्री दर्शन लाल व श्री जीत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने करोना संकट को अवसर समझ देश के कर्मचारियों,मजदूरों, किसानों, नौजवानों व मेहनतकश लोगों के खिलाफ जंग शुरू कर दी है जो उसे बहुत भारी पड़ेगी।उन्होंने समस्त आर.सी.एफ परिवार को आने वाले गम्भीर खतरों से आगाह करते हुए बड़ी तैयारी के लिए एकजुटता प्रदर्शित करने का आवाहन किया,श्री जयपाल फौगाट ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट संघर्ष की बेहद जरूरत है उन्होंने कहा कि आर.सी.एफ बचाओ संघर्ष कमेटी जल्द ही संघर्ष की रूपरेखा लेकर आप सब लोगों के बीच आएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों को संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। गुरजिंदर सिंह ने इंक़लाबी कविताएं व गीत पेश किये।
विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप में श्री जीत सिंह, रंजीत सिंह, राजवीर शर्मा, हरिदत्त, परमजीत सिंह खालसा, वेद प्रकाश, उमाशंकर, सुखबीर सिंह, एमके भटनागर, आरसी मीना, आदि शामिल थे।

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