रेलवे निजीकरण और निगमीकरण को रोकने के देश में जगी एक लौ, थाली बर्तन बजाकर सरकार को जागने के प्रयास का आगाज़  

रेल कर्मिओ व उनके परिवारों ने “नेशनल मूवमेंट टू सेव रेलवे” के तहत किया संगर्ष
हुसैनपुर , 10 सितंबर (कौड़ा)-देशभर में भारतीय रेलवे के निजीकरण व निगमीकरण के खिलाफ और देश के युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर नेशनल मूवमेंट टू सेव रेलवे के आह्वान पर देशभर में रेल कर्मचारियों ने अपने परिवारों के साथ मिलकर कल रात 9 सितंबर को 9 बजे 9 मिनट के लिए घरो की सभी लाइटें बंद कर मोमबत्तियां, टॉर्च व दीये जलाकर, थाली और बर्तन खड़काते हुए मोदी सरकार को जगाने का प्रयास किया है। यूनियन नेताओं के अनुसार रेलवे के निगमीकरण व निजीकरण के खिलाफ यह एक शुरुआती कदम है। जिसमें देश के लाखों लोगों ने सहयोग दिया है।
इंडियन रेलवे एम्पलाइस फेडरेशन, आर.सी.एफ बचाओ संघर्ष कमेटी व आरसीएफ एम्पलाइस यूनियन के महासचिव सर्वजीत सिंह ने बताया की रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण खिलाफ कर्मचारीओ द्वारा चलाई जा रही नेशनल मूवमेंट टू सेव रेलवे में सभी देश वासिओ ने सहयोग देते हुए 9 सितंबर को रात 9 बजे सभी घरो की लाइट बंद कर 9 मिनट के लिए मोमबत्तियां, टॉर्च, दीप, मोबाइल की लाइट जलाकर और ताली, थालिया, बर्तन आदि बजाते हुए मोदी सरकार को जगाने के इस प्रयास में पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने कहा है कि इस गतिविधि से उनके संघर्ष की लौ का आगाज़ हुआ है। और अगर मोदी सरकार की नींद अभी भी नहीं खुली तो कर्मचारी अपने संघर्ष को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह की गतिविधिया करवाती है। इस लिए कर्मचारियों ने भी मोदी सरकार उसी हथियार अपनाते हुए जनता से बत्तिया बंद कर दीप, टार्च, मोबाइल आदि जलवा कर व बर्तन बजवा कर सरकार को जगाने का प्रयास किया है।
इस एक्शन में कामरेड मनोज पांडे, अध्यक्ष इंडियन रेलवे एंप्लाइज फेडरेशन, इलाहाबाद से, बीएमडब्ल्यू पटियाला से कामरेड जुमेरदीन,  पटियाला, सी एल डब्ल्यू में कॉमरेड किशानु भट्टाचार्या, डी एल डब्ल्यू वाराणसी में राजेंद्र पाल, पूर्वोत्तर रेलवे में गोरखपुर में एन ई आर मेंस कॉग्रेस के केंद्रीय अध्यक्ष कॉमरेड अखिलेश पाण्डेय, स्वतंत्र रेलवे बहुजन कर्मचारी यूनियन केंद्रीय अध्यक्ष अमरजीत, पूर्वोत्तर रेलवे वर्कर्स यूनियन के राकेश पाल, पूर्वोत्तर रेलवे, कोलकाता में रवि सेन व पार्थो बनर्जी, दक्षिण पूर्व रेलवे में एन एन बनर्जी व देवाशीष बागची गौड़, डॉ कमल उसरी, श्री रतन चंद, परमजीत सिंह खालसा, हरविंदर पाल, मनजीत सिंह बाजवा, बचितर सिंह, जसपाल सिंह सेखों, सीनियर साथी पीके कौशल, तलविंदर सिंह, राम दास, मान सिंह, राम चंद्र, तरलोचन सिंह आदि के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

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