श्रम कानूनों को निरस्त करने के विरोध में आर.सी.एफ एम्पलाईज यूनियन द्वारा विरोध प्रदर्शन

हुसैनपुर , 16 मई (कौड़ा)-ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के आह्वान पर देश की केंद्र सरकार तथा क‌ई राज्य सरकारों द्वारा श्रम कानूनों को निरस्त करने के विरोध में आर.सी.एफ एम्पलाईज यूनियन द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमें मोदी सरकार द्वारा करोना संकट का बहाना बनाकर देश में सरकार की नाकामियों से पैदा हुए महा संकट का समुचा बोझ, देश के मजदूरों व मेहनतकश लोगों पर डालने की नियत से संशोधन के नाम पर श्रम कानूनों को निरस्त करने, मजदूरों से बंधुआ मजदूरों की तरह 12-12 घंटे काम लेने, ट्रेड यूनियन करने के अधिकारों पर रोक लगाने, करोना संकट से सीमित संसाधनों तथा बहुत सारी जगह पर बिना हथियारों के जंग लड़ रहे करोना योद्धाओं (सरकारी कर्मचारियों) के वेतन भत्तों आदि में कटौती का पुरजोर विरोध किया। अपने संबोधन में साथी सर्वजीत सिंह, महासचिव, आरसीएफ एंप्लाईज यूनियन तथा इंडियन रेलवे एंप्लाइज फेडरेशन ने कहा कि हम ऐसे मजदूर व मेहनतकश लोगों के  विरोध ऐसे फैसलों का पुरजोर विरोध करते हैं व हमें श्रम कानूनों को निरस्त करने का फैसला किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है।
अपने संबोधन में श्री परमजीत सिंह खालसा, अध्यक्ष, आरसीएफ एम्पलाईज यूनियन ने कहा मोदी सरकार पूरी तरह बेशर्म होकर कर्मचारियों के वेतन भत्तों में कटौती कर रही है, किसानों से जबरन अनाज दान मांग रही है, परंतु देश के बड़े बड़े पूंजीपतियों के लाखों करोड़ों रुपए के कर्ज माफ कर रही है। उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य ही है जब समुचा देश संकट से जूझ रहा है, देश का प्रधानमंत्री देश के लोगों को दान देने तथा कुर्बानी करने के उपदेश दे रहा है उसी समय देश के सांसदों-विधायकों-मंत्रियों के वेतन-भत्तों में 55 फ़ीसदी बढ़ोतरी कर देश के लोगों के जख्मों पर नमक रगड़ा जा रहा है।
नौजवान नेता साथी तलविंदर सिंह, वाइस प्रेसिडेंट, ने कहा कि हमें समझ नहीं आ रहा कि देश की बहुत बड़ी आबादी (मजदूरों) को मिलते नाम मात्र की अधिकारों को कुचल कर देश संकट से कैसे बाहर निकल सकता है? कैसे तरक्की कर सकता है? उन्होंने शंका जाहिर की कि देश की केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारें पहले ही बारूद के ढेर पर बैठी हुई है परंतु अब उन्होंने मजदूरों के हक अधिकारों पर डाका डाल कर आग को बारूद के और नजदीक कर दिया है। यह देश के लिए किसी भी तरह से ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल खड़ा किया लोकतांत्रिक देश में मजदूर की कोई अहमियत है क्या?
सभी नेताओं ने कहा कि आरसीएफ एम्पलाईज यूनियन सरकारों के ऐसे फैसले का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने कहा सरकारें देश के मेहनतकश लोगों को लंबा समय करोना संकट के बहाने घरों में कैद नहीं रख सकती और हम देशभर के मेहनतकश लोगों व मजदूरों के साथ एकजुट संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार बर तैयार हैं। विरोध प्रदर्शन में साथी मनजीत सिंह बाजवा, हरविंदर पाल, अमरीक सिंह गिल, प्रदीप सिंह श,दलजीत सिंह थिंद, गुरतेज सिंह, सुखविंदर सिंह सुखी, शरनजीत सिंह, अरविंद कुमार शाह, दिलबाग सिंह, परविंदर सिंह, अवतार सिंह, गुरजिंदर सिंह, निर्मल सिंह, दलवारा सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरमीत सिंह आज विशेष रूप में हाजिर थे।

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